ईरान का वो 'Philosopher' जिसने खामेनेई की मौत के बाद अकेले संभाली सत्ता; जानें Ali Larijani के बारे में सबकुछ
Who was Ali Larijani : ईरान में बड़ा राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता संभालने वाले अली लारीजानी भी कथित इजरायली हमले में मारे गए। इस घटना ने मिडिल ईस्ट में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। जानिए ईरान-इजरायल संघर्ष, सत्ता संघर्ष और लारीजानी की भूमिका से जुड़ी हर बड़ी अपडेट।
Who was Ali Larijani : ईरान की मीडिया ने मंगलवार देर रात एक ऐसी खबर की पुष्टि की जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में उभरे अली लारीजानी मारे गए हैं। यह घोषणा इजरायली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ द्वारा की गई है। 28 फरवरी को खामेनेई की मौत के बाद से लारीजानी ही वह व्यक्ति थे, जो पर्दे के पीछे से पूरे देश की कमान संभाल रहे थे और ईरान की बुलंद आवाज बने हुए थे। ऐसे में उनकी मौत ने ईरान को फिर एक बड़ा झटका दिया है।
ईरान के 'कैनेडी' परिवार का वह चेहरा, जिसने सत्ता को संवारा
अली लारीजानी का जन्म 3 जून 1958 को इराक के नजफ में एक बेहद अमीर घर में हुआ था। उनके पिता मिर्जा हाशेम अमोली एक प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान थे। लारीजानी परिवार का प्रभाव ईरान में इतना अधिक रहा है कि 2009 में 'टाइम मैगजीन' ने उन्हें "ईरान का कैनेडी परिवार" करार दिया था। उनके भाई भी न्यायपालिका और 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।
लारीजानी की शिक्षा भी उन्हें अपने समकालीनों से अलग बनाती थी। उन्होंने शरीफ यूनिवर्सिटी से मैथ्स और कंप्यूटर साइंस में डिग्री ली और फिर तेहरान विश्वविद्यालय से पश्चिमी दर्शन (वेस्टर्न फिलॉसफी) में पीएचडी की। इमैनुएल कांट के दर्शन पर उनकी गहरी पकड़ थी, जिस कारण उन्हें "mathematician philosopher" भी कहा जाता था।
पर्दे के पीछे से चलाने वाली सरकार और 'प्लान-बी' के रचयिता
अयातुल्ला खामेनेई के सबसे भरोसेमंद सलाहकार के रूप में लारीजानी को एक विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी, "इस्लामिक गणराज्य को बचाए रखने का मास्टर प्लान।" जब फरवरी 2026 के हमलों में खामेनेई और अन्य नेता मारे गए, तब लारीजानी ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने सत्ता को संभाला।
उनकी शक्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन भी उनके आगे प्रभावहीन नजर आते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति को इंटरनेट प्रतिबंध हटाने जैसे फैसलों के लिए भी लारीजानी की अनुमति लेनी पड़ती थी। हालांकि वह स्वयं 'सुप्रीम लीडर' नहीं बन सकते थे क्योंकि वह एक वरिष्ठ शिया मौलवी नहीं थे, लेकिन उन्होंने खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को सत्तासीन करने में अहम भूमिका निभाई।
चीन के साथ ऐतिहासिक डील और परमाणु वार्ता
लारीजानी का राजनीतिक सफर 12 साल तक संसद (मजलिस) के अध्यक्ष के रूप में बीता। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक चीन के साथ 25 साल का रणनीतिक समझौता था। पश्चिमी प्रतिबंधों से जूझ रही ईरानी अर्थव्यवस्था के लिए यह समझौता एक 'लाइफलाइन' साबित हुआ। इसके अलावा, उन्होंने वाशिंगटन के साथ परमाणु वार्ता का नेतृत्व किया और अमेरिका के साथ संभावित युद्ध की स्थिति में देश के प्रबंधन की योजनाएं तैयार कीं।
कैसे हुई Ali Larijani मौत?
ईरानी और इजरायली मीडिया के अनुसार, अली लारीजानी मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात एक इजरायली हमले में मारे गए। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हमले में उनके बेटे डॉ. मुर्तजा लारीजानी और उनके सुरक्षा प्रमुख की भी मौत हो गई।
लारीजानी की मौत ईरान के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने न केवल देश की आंतरिक सुरक्षा को संभाला हुआ था, बल्कि रूस, कतर और ओमान जैसे सहयोगियों के साथ ईरान के रिश्तों की मुख्य कड़ी भी वही थे।
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